प्रधानमंत्री मोदी को अब तोहफे में फूलों का गुलदस्ता देने पर रोक ! …जानिए ऐसा क्यों 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वागत में गुलदस्ता भेंट करने पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक आदेश जारी किया है। आदेश के मुताबिक, पीएम मोदी का स्वागत फूलों का गुलदस्ता देने की बजाय खादी के रुमाल में रखा एक फूल दे दिया तो बेहतर होगा।

इसके अलावा पीएम मोदी को किताब भी गिफ्ट में दी जा सकती है। किताब से ज्यादा गुणकारी कुछ नहीं हो सकता, किताब पढ़ने से ज्ञान बढ़ता है। वहीं, गृंह मंत्रालय ने सभी राज्यों को एक लेटर भेजा है, जिसमें लिखा है कि किसी भी राज्य के दौरे पर प्रधानमंत्री के स्वागत में फूलों का गुलदस्ता भेंट में न दिया जाए।

इससे अच्छा है कि उन्हें सिर्फ एक फूल ही दे दिया जाए। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से शुभकामनास्वरूप पुष्प गुच्छ देने के बजाय पुस्तक भेंट करने की अपील की थी। पीएम मोदी ने कहा था कि पढ़ने से ज्यादा आनंद किसी और काम में नहीं आता और ज्ञान से बड़ी कोई ताकत नहीं है।

सवालो पर भड़के तेजस्वी यादव ने महिला पत्रकार के साथ की अशोभनीय हरकत !

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और उनकी पार्टी राजद (राष्ट्रिय जनता दल) लगातार अपने काले कारनामे की वजह से सुर्ख़ियों में बने हुए हैं। या आप चारे घोटाले की बात करे या रेलमंत्री रहते हुए रेलवे आवंटन में गड़बड़ी की, ये सब राजद सुप्रीमो लालू यादव के काले करनामों का एक छोटा सा उदाहरण है। लगातार आरोपों और प्रत्यारोपों से घिरी राजद एक बार और घिरती नजर आयी। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान लालू यादव के बेटे और बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव एक महिला पत्रकार पर भड़कते नजर आये।राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और उनके छोटे बेटे और बिहार के उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बैठे थे। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान तेजस्वी यादव भड़कते हुए एक अंग्रेजी चैनल को देशद्रोही बताते हुए उस चैनल की महिला पत्रकार पर भड़क उठे। यह हंगामा लालू प्रसाद यादव के ठिकानों पर सीबीआई की छापेमारी के बाद बुलाए गए प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हुई। सीबीआई छापे के बाद राजद परिवार में काफी उथल-पुथल मची दिखी। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब एक अंग्रेजी चैनल की महिला पत्रकार ने तेजस्वी यादव से छापे से जुड़े कुछ सवाल पुछे तो तेजस्वी भड़क उठे।

सोनिया गांधी की नागरिकता पर खतरा , छोड़ना पड़ा सकता है देश !

सूचना आयोग के सीआईसी ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की नागरिकता का ब्योरा देने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय को कहा है। इस बारे में आयोग ने सभी जानकारियां आरटीआई की याचिका के तहत 15 दिन के अंदर मांगी हैं। उज्जैन के आरटीआई याचिकाकर्ता ने विदेश मंत्रालय में संपर्क करके सोनिया गांधी समेत विदेशी नागरिकों को भारत की नागरिकता को दिये जाने का ब्योरा मांगा है। इसी बीच याचिकाकर्ता ने सोनिया गांधी की भारतीय नागरिकता से जुड़े दस्तावेजों की भी मांग की है।

इसमें सोनिया के भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन के कागज और दस्तावेज और उसके समर्थन में लगाई गई दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतिक्रिया, अधिसूचना, आदेश और इससे जुड़े नियमों का भी ब्योरा मांगा है। साथ ही वेरीफिकेशन की प्रक्रिया का भी लेखा-जोखा मांगा है। लेकिन विदेश मंत्रालय ने इस याचिका को गृह मंत्रालय के हवाले कर दिया था इसलिए विदेश मंत्रालय ने इन सवालों का कोई जवाब नहीं दिया। 

लेकिन, अब मुख्य चुनाव आयुक्त आरके माथुर ने गृह मंत्रालय को आदेश दिया है कि वह इस याचिका का जवाब जल्दी दे। माथुर ने कहा कि अब तक के सबसे बड़े रिकार्ड से स्पष्ट हो गया है कि गृह मंत्रालय की और से भी कोई जवाब उपलब्ध नहीं है। इसलिए उसके याचिकाकर्ता को आदेश जारी होने के 15 दिन में ही जवाब देने के लिये कहा है। उन्होंने गृह मंत्रालय के केंद्रीय जन सूचना अधिकारी को भी अगली सुनवाई पर पेश होने के आदेश दिये है।