तीस्ता शीतलवाड़ पर बड़ा खुलासा : मुसलमानों से गुजरात दंगों के नाम पर चंदा वसूल कर पी गयी शराब.. 

जो भी करोगे उसको भोगना हर हाल में पड़ेगा ही .. कर्मों की क्षमा कभी और किसी हाल में नहीं होती .. इसी का जीता जागता उदाहरण देखने को मिल रहा है गुजरात दंगों में एक तरफा नम्बरदारी करने वाली चर्चित तीस्ता सीतलवाड़ के मामले में … ज्ञात हो की मुसलमानो से मोदी का डर दिखा कर लिए गए चंदे से अपने जीवन को सुधारना और शराब तक पीना तीस्ता सीतलवाड़ का एक प्रकार से पेशा बन गया था .. सत्ता का संरक्षण इस कदर था की सरकार बदलने के बाद भी उन्हें कांग्रेस का ही वकील कपिल सिब्बल अदालत में बचा रहा है . यहाँ जानना जरूरी है कि खुद को सामजिक कार्यकर्त्ता कहने वाली तीस्ता सीतलवाड़ और उनके पति पर मुकदमा चलाने की सिफारिश की गयी है जिसके खिलाफ वो दोनों सुप्रीम कोर्ट गए थे … सुप्रीम कोर्ट ने दोनों को किसी भी प्रकार की राहत देने से साफ़ मना कर दिया ..सुप्रीम कोर्ट में अभियोजन प्राथमिक दृष्टि में ये साबित करने में सफल रहा कि चंदे से मिला पैसा अपने व्यक्तिगत कार्यों और दुरूपयोग में प्रयोग किया गया है .. गुजरात सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में साफ कहा कि तीस्ता और उनके पति ने चंदे में मिले पैसे से शराब पी लिया है ..

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उत्तराखंड : खास समुदाय के युवक ने सोशल मीडिया में भगवान केदारनाथ की आपात्तिजनक तस्वीर पोस्ट की , इलाके में भारी तनाव

आये दिन एक खास मज़हब, एक ख़ास मजहब को टारगेट कर रहा है । कभी गाय को ले कर भावनाये भड़कायी जाती है तो कभी हिन्दू धर्म के देवी-देवताओ के आपतिजनक तसीवरे बना के फेसबुक पर पोस्ट करना हो। हाँ , उन्हें अपनी आस्था का बड़ा ख्याल है …पश्चिम बंगाल के बशीरहाट का मामला अभी शांत नहीं हुआ की उत्तराखंड के एक शहर से साम्प्रदायिक तनाव की खबरें आ रही हैं।बताते चले की पिछले दिनों 17 साल के बच्चे के द्वारा डाले गए एक फेसबुक पोस्ट पर पश्चिम बंगाल सुलग गया। वहाँ सांप्रदायिक दंगो के आग अभी तक ठन्डे नहीं हुए की नया मामला उत्तराखंड का सामने आया है। उत्तराखंड सतपौली में एक नाबालिग लड़के ने फेसबुक पर केदारनाथ मंदिर को लेकर आपत्तिजनक पोस्ट किया था। जिसके बाद वहा पर सांप्रदायिक मामले भड़क गए। मामला ने गंभीर रूप धारण करते हुए तोड़ – फोड़ और आगजनी का रूप ले लिया।प्रदर्शन कर रहे लोगो ने जोर -जोर से नारे लगाते हुए कहा की ‘ जब तक उस लड़के को पकड़ा नहीं गया हम ऐसे ही प्रदर्शन करते रहेंगे।’ पुलिस अधीक्षक जगतराम जोशी ने बताया, ‘हम उस लड़के को पकड़ने की कोशिश कर रहे हैं जिसने केदारनाथ मंदिर को लेकर आपत्तिजनक पोस्ट किया था।तनाव वाले इलाको में अतरिक्त बल भी तैनात कर दिए गए है। कोटद्वार शहर और जिला मुख्यालय पौड़ी से सहायत भेजी गई है। जिलाधिकारी ने भी इलाके का दौरा किया है।’ देश को न जाने क्या हो गया है। लोग न जाने क्यों भावनातक मसलो पर हमलावार हो गए है। देश जागो , अपनी एकता न खोवो, तुम्हे बांटने की कोशिश हो रही समझो।

गोवा कांग्रेस के वाट्सएप ग्रुप में पोर्न क्लिप साझा कर रहे थे कांग्रेस के पदाधिकारी

गोवा कांग्रेस के आधिकारिक वाट्सएप मीडिया ग्रुप में शनिवार को कथित रूप से पार्टी के एक पूर्व पदाधिकारी ने ‘गलती से’ एक पोर्न क्लिप साझा कर दिया, जिसके बाद पार्टी को काफी किरकिरी झेलनी पड़ी है। गोवा कांग्रेस के प्रमुख प्रवक्ता सुनील कावथानकर ने बाद में मीडिया से माफी मांगी और कथित दोषी बरनावे स्पेको को ग्रुप से निकाल दिया। यह वाट्सएप ग्रुप गोवा कांग्रेस का मीडिया से संवाद का आधिकारिक माध्यम है और इसका प्रयोग प्रेस रीलिज और प्रेस वार्ता के लिए आमंत्रण भेजने में किया जाता है। इस ग्रुप के 80 से ज्यादा सदस्य हैं, जिनमें कांग्रेस नेता और पत्रकार शामिल हैं। कावथानकर ने कहा, यह बहुत ही गंभीर मामला है। दोषी सदस्य को ग्रुप से हटा दिया गया है। एडमिन होने के नाते मैं सभी सदस्यों से माफी मांगता हूं। ऐसी गैरजिम्मेदाराना हरकत बेहद आपत्तिजनक है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

मीरा कुमार ने की बिहार के सीएम नीतीश कुमार से मुलाकात

यूपीए की राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार मीरा कुमार गुरुवार शाम पटना पहुंची है। पटना में उनके स्वागत के लिए बिहार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अशोक चौधरी समेत कुछ नेता पटना एयरपोर्ट पहुंचे थ।

लेकिन मीरा कुमार के पटना पहुंचने से पहले ही बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार स्वास्थ्य लाभ लेने के लिए अचानक दो के लिए राजगीर पहुंच गए है।

सूत्रों के मुताबिक बिहार के मुख्यमंत्री और जेडीयू अध्यक्ष नीतीश कुमार कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे। इसलिए वो आराम करने के लिए राजगीर चले गए है।

बताया जाता है कि नीतीश कुमार को डॉक्टरों ने आराम करने की सलाह दी थी। इसलिए नितीश ने अपने सभी पूर्व निर्धारित कार्यक्रम रद्द कर दिए और राजगीर चले गए है।

जानकारी के मुताबिक इसी कारण बिहार कैबिनेट की बैठक भी नहीं हो पाई है।

हालांकि कुछ जानकार बता रहे है कि राष्ट्रपति चुनाव को लेकर जारी राजनीतिक उठापठक के बीच नीतीश कुमार ने ये कदम उठाया है।

आपको बता दें कि राष्ट्रपति चुनाव में बिहार के मुख्यमंत्री ने एनडीए के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद को अपना समर्थ दिया है।

इसके बाद लालू यादव और कांग्रेस समेत कुछ विपक्षी पार्टियों ने नीतीश पर निशाना साधा था। लालू यादव ने तो नीतीश के इस फैसले को ऐतेहासिक भूल तक करार दे दिया था।

इसके बाद से कयास लगाए जा रहे थे कि नीतीश कुमार बिहार में विपक्ष की राष्ट्रपति उम्मीदवार से नहीं मिलेंगे।