तीस्ता शीतलवाड़ पर बड़ा खुलासा : मुसलमानों से गुजरात दंगों के नाम पर चंदा वसूल कर पी गयी शराब.. 

जो भी करोगे उसको भोगना हर हाल में पड़ेगा ही .. कर्मों की क्षमा कभी और किसी हाल में नहीं होती .. इसी का जीता जागता उदाहरण देखने को मिल रहा है गुजरात दंगों में एक तरफा नम्बरदारी करने वाली चर्चित तीस्ता सीतलवाड़ के मामले में … ज्ञात हो की मुसलमानो से मोदी का डर दिखा कर लिए गए चंदे से अपने जीवन को सुधारना और शराब तक पीना तीस्ता सीतलवाड़ का एक प्रकार से पेशा बन गया था .. सत्ता का संरक्षण इस कदर था की सरकार बदलने के बाद भी उन्हें कांग्रेस का ही वकील कपिल सिब्बल अदालत में बचा रहा है . यहाँ जानना जरूरी है कि खुद को सामजिक कार्यकर्त्ता कहने वाली तीस्ता सीतलवाड़ और उनके पति पर मुकदमा चलाने की सिफारिश की गयी है जिसके खिलाफ वो दोनों सुप्रीम कोर्ट गए थे … सुप्रीम कोर्ट ने दोनों को किसी भी प्रकार की राहत देने से साफ़ मना कर दिया ..सुप्रीम कोर्ट में अभियोजन प्राथमिक दृष्टि में ये साबित करने में सफल रहा कि चंदे से मिला पैसा अपने व्यक्तिगत कार्यों और दुरूपयोग में प्रयोग किया गया है .. गुजरात सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में साफ कहा कि तीस्ता और उनके पति ने चंदे में मिले पैसे से शराब पी लिया है ..

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