गोवा कांग्रेस के वाट्सएप ग्रुप में पोर्न क्लिप साझा कर रहे थे कांग्रेस के पदाधिकारी

गोवा कांग्रेस के आधिकारिक वाट्सएप मीडिया ग्रुप में शनिवार को कथित रूप से पार्टी के एक पूर्व पदाधिकारी ने ‘गलती से’ एक पोर्न क्लिप साझा कर दिया, जिसके बाद पार्टी को काफी किरकिरी झेलनी पड़ी है। गोवा कांग्रेस के प्रमुख प्रवक्ता सुनील कावथानकर ने बाद में मीडिया से माफी मांगी और कथित दोषी बरनावे स्पेको को ग्रुप से निकाल दिया। यह वाट्सएप ग्रुप गोवा कांग्रेस का मीडिया से संवाद का आधिकारिक माध्यम है और इसका प्रयोग प्रेस रीलिज और प्रेस वार्ता के लिए आमंत्रण भेजने में किया जाता है। इस ग्रुप के 80 से ज्यादा सदस्य हैं, जिनमें कांग्रेस नेता और पत्रकार शामिल हैं। कावथानकर ने कहा, यह बहुत ही गंभीर मामला है। दोषी सदस्य को ग्रुप से हटा दिया गया है। एडमिन होने के नाते मैं सभी सदस्यों से माफी मांगता हूं। ऐसी गैरजिम्मेदाराना हरकत बेहद आपत्तिजनक है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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सवालो पर भड़के तेजस्वी यादव ने महिला पत्रकार के साथ की अशोभनीय हरकत !

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और उनकी पार्टी राजद (राष्ट्रिय जनता दल) लगातार अपने काले कारनामे की वजह से सुर्ख़ियों में बने हुए हैं। या आप चारे घोटाले की बात करे या रेलमंत्री रहते हुए रेलवे आवंटन में गड़बड़ी की, ये सब राजद सुप्रीमो लालू यादव के काले करनामों का एक छोटा सा उदाहरण है। लगातार आरोपों और प्रत्यारोपों से घिरी राजद एक बार और घिरती नजर आयी। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान लालू यादव के बेटे और बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव एक महिला पत्रकार पर भड़कते नजर आये।राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और उनके छोटे बेटे और बिहार के उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बैठे थे। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान तेजस्वी यादव भड़कते हुए एक अंग्रेजी चैनल को देशद्रोही बताते हुए उस चैनल की महिला पत्रकार पर भड़क उठे। यह हंगामा लालू प्रसाद यादव के ठिकानों पर सीबीआई की छापेमारी के बाद बुलाए गए प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हुई। सीबीआई छापे के बाद राजद परिवार में काफी उथल-पुथल मची दिखी। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब एक अंग्रेजी चैनल की महिला पत्रकार ने तेजस्वी यादव से छापे से जुड़े कुछ सवाल पुछे तो तेजस्वी भड़क उठे।

एक्शन में उत्तर प्रदेश पुलिस : दाऊद इब्राहिम का साथी नजीबाबाद से गिरफ्तार ..


​उत्तर प्रदेश की पुलिस जो कभी आतंक से लड़ने के लिए सुस्त और कमजोर होने का आरोप झेल कर आलोचना का शिकार होती थी वो अचानक ही योगी सरकार के सत्ता में आते ही एक्शन में आ चुकी है .. सैफुल्लाह के खात्मे के साथ भारत में ISIS की जड़े खोजने और खोदने से ले कर आतंक को खत्म करने के लिए प्रितबद्ध हो चुकी UP ATS ने एक और बड़ी कामयाबी हासिल की है जिसमे आतंक के आका दाऊद इब्राहिम के गुर्गे को जो 993 में मुंबई को लहू लुहान कर के भाग गया था .. इतने सालों बाद कई निर्दोषों का वो हत्यारा उत्तर प्रदेश की पुलिस के हत्थे चढा ..

मुंबई से भाग कर गुजरात गया फिर गुजरात से उत्तर प्रदेश आया ये दुर्दांत अपराधी यहाँ भी अपना गिरोह छिप कर संचालित कर रहा था . उत्तर प्रदेश को शायद तुष्टिकरण की राजनीति देखते हुए उसने अपने ठिकाने के रूप में चुना था . यहाँ सवाल ये भी है की उत्तर प्रदेश में उसको शरण देने वालों को क्या नहीं पता था की ये दाऊद नाम के भारत के दुश्मन का गुर्गा है .. जिस अपराधी को गुजरात तक की पुलिस सुराग लगा कर पकड़ने आ गयी क्या उसको छिपा रखने वालों को और उसके पड़ोसियों को ये बात पता नहीं थी की यह देश का दुश्मन और मासूमों का हत्यारा है ..

ऐसा देश है मेरा : सेना ने जिस चीनी फौजी को किया था जेल में बंद, अब भारत छोड़कर जाना नही चाहता वही चीनी सैनिक

एक तरफ जहां भारत और चीन एक दूसरे से जूझते हुए दिखे, वही एक चीनी सैनिक ने मोदी की प्रधानमंत्री आवास योजना में अपना घर लेने की ख्वाहिश जताई है। दरअसल, जनवरी 1963 में भारत चीन युद्ध के दौरान वांग शी नाम के चीनी सैनिक को पकड़ा गया था। इसके बाद एक युद्धबंदी के तौर पर वांग शी को छह साल तक उत्तर प्रदेश, पंजाब और राजस्थान की जेलों में बंद रखा गया। 1969 में उसे जेल से रिहा कर दिया गया।

जेल से छूटने के बाद शी चीन वापसी जाने की जगह मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में रहने लगे और वहीं के लोगों में घुलमिल गए। बालाघाट के तिरोरी गांव में रह रहे शी ने 1975 में वहीं की लड़की सुनीता से शादी कर ली। शादी के बाद उनको दो बेटी और एक बेटा है। शी अब बूढ़े हो गए हैं और चाहते हैं कि उनके बेटे को एक सरकारी नौकरी मिल जाए। इसके साथ-साथ वांग शी प्रधानमंत्री आवास योजना स्कीम के तहत एक घर भी चाहते हैं।

जिसके लिए वो कई बार कचहरी और अफसरों के दफ्तरों के चक्कर भी लगा चुके हैं। वांग शी लंबे समय तक तो गुमनाम ही रहे लेकिन पिछले साल जब उन्होंने चीन में अपने गांव जाने की भी इजाजत मांगी थी। जिसके बाद उन्हें मल्टीपल वीजा जारी किया गया था। वहीं बातो ही बातो में वांग शी ने कहा कि भारत एक बहुत ही अच्छा देश है, यहां के नागरिक बहुत मददगार है।

सोनिया गांधी की नागरिकता पर खतरा , छोड़ना पड़ा सकता है देश !

सूचना आयोग के सीआईसी ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की नागरिकता का ब्योरा देने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय को कहा है। इस बारे में आयोग ने सभी जानकारियां आरटीआई की याचिका के तहत 15 दिन के अंदर मांगी हैं। उज्जैन के आरटीआई याचिकाकर्ता ने विदेश मंत्रालय में संपर्क करके सोनिया गांधी समेत विदेशी नागरिकों को भारत की नागरिकता को दिये जाने का ब्योरा मांगा है। इसी बीच याचिकाकर्ता ने सोनिया गांधी की भारतीय नागरिकता से जुड़े दस्तावेजों की भी मांग की है।

इसमें सोनिया के भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन के कागज और दस्तावेज और उसके समर्थन में लगाई गई दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतिक्रिया, अधिसूचना, आदेश और इससे जुड़े नियमों का भी ब्योरा मांगा है। साथ ही वेरीफिकेशन की प्रक्रिया का भी लेखा-जोखा मांगा है। लेकिन विदेश मंत्रालय ने इस याचिका को गृह मंत्रालय के हवाले कर दिया था इसलिए विदेश मंत्रालय ने इन सवालों का कोई जवाब नहीं दिया। 

लेकिन, अब मुख्य चुनाव आयुक्त आरके माथुर ने गृह मंत्रालय को आदेश दिया है कि वह इस याचिका का जवाब जल्दी दे। माथुर ने कहा कि अब तक के सबसे बड़े रिकार्ड से स्पष्ट हो गया है कि गृह मंत्रालय की और से भी कोई जवाब उपलब्ध नहीं है। इसलिए उसके याचिकाकर्ता को आदेश जारी होने के 15 दिन में ही जवाब देने के लिये कहा है। उन्होंने गृह मंत्रालय के केंद्रीय जन सूचना अधिकारी को भी अगली सुनवाई पर पेश होने के आदेश दिये है।

अभी – अभी : लालू के 12 ठिकानों पर चल रही सीबीआई छापेमारी , रेलमंत्री रहते किया था रेलवे में घोटाला

CBI ने 2006 में रेलमंत्री रहे लालू प्रसाद यादव, पत्नी राबड़ी देवी, उनके बेटों के साथ अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, इन सभी लोगों पर रांची और पुरी में रेलमंत्रालय द्वारा होटल बनाने के लिए जारी टेंडर में धांधली का आरोप है. उस दौरान लालू यादव रेल मंत्री थे.
सीबीआई इस सिलसिले में दिल्ली, पटना, रांची, पुरी और गुरुग्राम के 12 ठिकानों पर आज छापेमारी कर रही है.

गजब : जब बाल ठाकरे के डर से आतंकियों ने एक दिन में अमरनाथ यात्रा से रोक हटा ली थी !

हम बात करेगे एक ऐसे आदमी की जो खुलेआम धमकी देता था, एक ऐसे आदमी की जो मुंबई को देश की राजधानी बनाना चाहता था, एक ऐसे आदमी की जिसके दरबार में विरोधी भी हाजिरी लगाने आते थे.. इनका नाम था बाला साहेब ठाकरे.

1. बाल ठाकरे का बचपन का नाम था “बाल केशव ठाकरे” जो वक्त के साथ-साथ “बाला साहेब ठाकरे” बन गया।

2. बाल ठाकरे एक कार्टूनिस्ट थे, राजनितिज्ञ तो बाद में बने. सिर्फ यही नहीं बल्कि ठाकरे मशहूर क्रांतिकारी कार्टूनिस्ट थे. 1950 के आस-पास Times Of India के सन्डे एडिशन में इन्हीं के कार्टून छपते थे. इन्होनें 1960 में ये नौकरी छोड़ थी।

3. बाल ठाकरे को हिंदू हृदय सम्राट कहा जाता था. उनका बिना देखे भाषण देना लोगो के मन को भा गया, उन्हें सुनने के लिए लाखों की भीड़ एकजुट होती थी।

4. चाँदी के सिहांसन पर बैठने के शौकीन बाल ठाकरे के दरबार में विरोधी भी हाजरी लगाते थे. ठाकरे खुलेआम धमकी देते थे।

5. बाल ठाकरे जब किसी का विरोध करते थे तो दुश्मनों की तरह, और जब तारीफ करते थे तो ऐसे कि जैसे उनसे बड़ा कोई मित्र नही।

6. 19 जून 1966 को बाल ठाकरे ने शिवाजी पार्क में नारियल फोड़कर अपने दोस्तों के साथ पार्टी बनाई थी “शिवसेना“. जो आज भी चल रही है।

7. 1960 और 1970 के दशक में महाराष्ट्र में “लुंगी हटाओ, पुंगी बचाओ” अभियान चलाया गया. ये स्पेशली बिहारियों के लिए था क्योकिं बाल ठाकरे ने अपने समाचार पत्र के मुख्य पेज पर भी लिख दिया था कि “एक बिहारी, सौ बीमारी“।

8. 1980 के दशक में बाल ठाकरे ने मुसलमानों के बारे में कहा, कि ये कैंसर की तरह फैल रहे है और देश को इनसे बचाया जाना चाहिए।

9. बाल ठाकरे की एक खास बात थी कि वह कभी किसी से मिलने नही गए. जिसे मिलना है खुद घर आओ. भारत की हर बड़ी हस्ती उनसे मिलने के लिए उनके मुंबई के घर मातोश्री में जाती थी. बड़े-बड़े बाॅलीवुड एक्टर बीयर पीने और उनसे मिलने उनके घर आते थे।  जैसे: नरेन्द्र मोदीमाइकल जैक्सन.

10. अपने भाषणों में बाल ठाकरे अक्सर 2 ही चीजों की खुलकर तारीफ करते थे, एक था “हिटलर” और दूसरा श्रीलंका का आतंकी संगठन “लिट्टे“.

11. बात है सन् 1990 के आसपास की, कश्मीर में इस्लामी आतंकवाद चरम पर था कश्मीरी पंडितो को भगाया जा रहा था. अमरनाथ यात्रा चल रही थी… आतंकवादियो ने यात्रा बंद करने की धमकी दे दी और कहा जो अमरनाथ यात्री आएगा वह वापिस नही जाएगा. तब बाल ठाकरे ने एक बयान दिया कि, हज के लिए जाने वाली 99% फ्लाइट मुंबई एयरपोर्ट से जाती है देखते है यहाँ से कोई यात्री मक्का-मदीना कैसे जाता है. अगले ही दिन से अमरनाथ यात्रा शुरू हो गई।

12. सन् 1992 में बाबरी मस्जिद ढहा दी गई, तो बाल ठाकरे “आप की अदालत” शो में आए हुए थे जब उनसे कहा जया कि सुना है ये काम शिवसैनिको ने किया है ? तो वो बोले यदि ये काम शिवसैनिकों ने किया है तो यह गर्व की बात है।

13. बाल ठाकरे के कुछ स्पेशल शौक थे. सिगार, वाइट वाइन etc. ज्यादातर फोटो या इंटरव्यू में उनके हाथ में पाइप या सिगार होती है. पाइप तो 1995 में दिल के दौरे के बाद छोड़ दी लेकिन सिगार तो मौत के साथ ही छूटी।

14. 1999 में बाल ठाकरे पर 6 साल तक वोट डालने और चुनाव लड़ने पर बैन लगा था। लेकिन बाल ठाकरे ने अपने जीवन में कभी चुनाव नही लड़ा।

15. अपनी मौत से दो महीने पहले ठाकरे का एक बयान आया था कि आर्मी मेरे हवाले कर दो, मै देश को एक महीने में ठीक कर दूंगा।

16. ठाकरे के जीवन में दुख भी बहुत थे. पहले पत्नी का निधन, फिर बड़े बेटे बिंदुमाधव की कार हादसे में मौत, फिर दूसरे बेटे जयदेव के साथ मनमुटाव और लाडले भतीजे राज ठाकरे का अलग पार्टी बनाना. आपको बता दे की राज ठाकरे वो आदमी थे जिनको बाल ठाकरे का उत्तराधिकारी माना जाता था।

17. 17 नवंबर 2012, बाल ठाकरे का निधन हो गया. इस दिन मुंबई बंद था.. अंतिम यात्रा में लगभग 5 लाख लोग शामिल हुए. थोड़ी-थोड़ी देर बाद एक आवाज उठती है: बाला साहेब… लाखो लोग चिल्लाते है: अमर रहे

18. बाल ठाकरे ना तो मुख्यमंत्री थे और ना सांसद. फिर भी उन्हें मरने के बाद ‘21 तोपों की सलामी‘ दी गई. जो राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को मिलती है। ये रूतबा था बाला साहेब ठाकरे का