अमेरिका का सनसनीखेज दावा- चीन को तबाह करने के लिए परमाणु मिसाइल बना रहा भारत

चीन और पाकिस्तान के बीच बढ़ती नजदीकियां भारत के लिए खतरे की एक निशानी साबित हो सकती है। चीन और पाकिस्तान के इस रवैये को देखते हुए भारत ने लिमिटेड वॉर की तैयारियां शुरू कर दी है। साथ ही आधुनिक हथियार और गोले बारूद भी खरीद चूका है। अमेरिका ने यह भी दवा किया है कि भारत एक ऐसा मिसाइल बना रहा जिससे एक ही झटके में पूरा चीन का सफाया किया जा सकता है।चीन और पाकिस्तान के साथ लगातार सीमा विवाद झेल रहा भारत 40 दिन की लिमिटेड वॉर की तैयारी शुरू कर दी है। भारत अपने न्यूक्लियर सिस्टम को आधुनिकीकरण करने की ओर तेजी से बढ़ रहा है। अमेरिका के दो बड़े न्यूक्लियर विशेषज्ञों का कहना है कि भारत अपने न्यूक्लियर सिस्टम को इस कदर आधुनिक कर रहा है, जिससे पूरे चीन को निशाना बनाया जा सकता है।

दोनों विशेषज्ञों का आर्टिकल अमेरिका के डिजिटल जर्नल में छपा है, जिसमें बताया गया है कि भारत के पास करीब 600 किलोग्राम वेपन्स-ग्रेड का प्लूटोनियम है। हालांकि, इसमें से सिर्फ 150 से 200 किलो प्लूटोनियम न्यूक्लियर वेपन्स के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। हन्स क्रिसटेंशेन और रॉबर्ट एस नॉरिस ने करीब 120 से 130 शब्दों का आर्टिकल लिखा है। जानकारी के मुताबिक, विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी न्यूक्लियर मिसाइल बनाई जा रही है, जो दक्षिण भारत से निशाना साध कर पूरे चीन का सफाया कर सकती है।

योगी सरकार की भ्रष्टाचारमुक्त ऑनलाइन समायोजन प्रक्रिया पर बेसिक शिक्षा अधिकारियों ने फ़ेरा पानी

सरकार की भ्रष्टाचारमुक्त ऑनलाइन समायोजन प्रक्रिया पर तकरीबन दो दर्जन बेसिक शिक्षा अधिकारियों ने पानी फेर दिया। इन अफसरों ने ऑनलाइन समायोजन के लिए आवश्यक शिक्षकों का सैलरी डाटा अपलोड नहीं किया या त्रुटिपूर्ण सूचनाएं भेज दी जिसके कारण हारकर सरकार को ऑफलाइन समायोजन के राजी होना पड़ा। बेसिक शिक्षा परिषद के अधिकारी जिलों से शिक्षकों का सैलरी डाटा मांगते रह गए लेकिन बीएसए की मनमानी के आगे किसी की एक न चली। सूचना के अभाव में टल रही समायोजन व तबादले की प्रक्रिया को पटरी पर लाने के लिए मंगलवार को ऑफलाइन समायोजन का आदेश जारी करना पड़ा। जिससे बेसिक शिक्षा अधिकारियों को मनमानी की छूट मिल गई है। जिन जिलों ने शिक्षकों का सैलरी डाटा नहीं दिया उनमें लखनऊ, हरदोई, रायबरेली, गोरखपुर, मेरठ, बुलंदशहर, उन्नाव, हाथरस, भदोही, देवरिया, बस्ती, संत कबीरनगर, जालौन, बांदा, कानपुर देहात, फर्रुखाबाद, आजमगढ़, बलिया, शामली, बाराबंकी और संभल का नाम शामिल है। इनमें से कई बीएसए की कार्यप्रणाली विवादों में रही है। इलाहाबाद में 1446 शिक्षकों का समायोजन जिले के परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों में 1446 सरप्लस शिक्षकों का समायोजन होगा। प्राथमिक में 1324 और उच्च प्राथमिक स्कूलों में 122 शिक्षकों को सरप्लस चिह्नित किया गया है। समायोजन के लिए 18 जुलाई तक का समय दिया गया है। हालांकि इतने कम समय में काम पूरा होना मुश्किल लग रहा है।

खुलासा : RTI में पूछा गया सवाल कि भारतीय फ़ौज ने अब तक कितनी सर्जिकल स्ट्राइक की है, जवाब सुन देश रह गया सन्न …

कांग्रेस के बड़बोले पन की पोल खुल गयी हैं। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह, राजीव शुक्ला, रणदीप सुरजेवाला और एनसीपी प्रमुख शरद पवार के किये गए झूठे दावों की पोल एक RTI के जवाब ने सबके सामने खोल के रख दी हैं. दरअसल जब बीते साल मोदी सरकार के राज में भारतीय जवानो द्वारा पाकिस्तान में सर्जिकल स्ट्राइक की गयी थी, अपनी इस वीरता और पाकिस्तान को दिए गए मुँहतोड़ जवाब के लिए मोदी सरकार और भारतीय जवानो ने ना सिर्फ पूरे देशभर में वाहवाही लूटी थी बल्कि अमेरिका , रूस , इजरायल जैसे देशों की नजर में अपनी धाक भी जमा ली थी क्योंकि माना जाता था कि ऐसा करने का माद्दा केवल उनकी स्पेशल फोर्सेस में था ..

1. भारतीय सेना ने सितंबर, 2016 से पहले कितनी बार सर्जिकल स्ट्राइक की थी और उनमें से कितनी सफल रही थीं?

2. सितंबर, 2016 के बाद ऐसी कितनी सर्जिकल स्ट्राइक की गई और उनमें से कितनी स्ट्राइक सफल रही थीं ?

3. इन सर्जिकल स्ट्राइक में हमारे कितने जवान बलिदान हुए ? 

इन सभी सवालो के जवाब में रक्षा मंत्रालय ने बताया की सितमबर 2016 में एक सर्जिकल स्ट्राइक हुई थी. दूसरे सवाल के जवाब में कहा कि उससे पहले कोई सर्जिकल स्ट्राइक होने का उनके पास कोई आधिकारिक रिकॉर्ड नहीं है. और इसमें कोई जवान बलिदान नहीं हुआ … पाकिस्तान के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक जैसा ऐतिहासिक कदम उठाना कांग्रेस के ज़हन में कभी नहीं आया लेकिन वर्तमान सरकार को को नीचा कैसे दिखाया जाये इसके लिए वो दिन रात मौका ढूंढ़ना नहीं भूलती।अपनी सत्त्ता देश में वापिस लाने की भूख में कभी राहुल गांधी जबरदस्ती सहारनपुर जाते हैं. फिर चाहे इससे दंगा भड़के और दंगे में मासूम लोगो की जाने जाये, उससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। अमरनाथ यात्रा में शिवभक्तों की परवाह से ज्यादा दिगविजय सिंह को ये बात सता रही हैं कि किस तरह से वो मोदी सरकार को ज़लील करे। इन सभी सवालों के जवाब अचानक ही एक RTI में सबके आगे आ चुके हैं .

अमरनाथ यात्रा पर आतंकी हमला : सुरक्षा घेरे का हिस्सा नहीं थी बस, श्राइन बोर्ड से नहीं कराया था रजिस्ट्रेशन

अनंतनाग में अमरनाथ यात्रियों को लेकर लौट रही जिस बस पर हमला हुआ वह अमरनाथा यात्रा का हिस्सा नहीं थी। यह बस अमरनाथ श्राइन बोर्ड से भी रजिस्टर्ड नहीं थी। यात्रियों की सुरक्षा के लिए काफिले में शामिल बसों का रजिस्ट्रेशन कराया जाता है जिसके बाद ही यात्रा की इजाजत दी जाती है। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ने एक वक्तव्य जारी कर कहा कि आतंकवादी हमले की चपेट में आई बस आधिकारिक तौर पर अमरनाथ यात्रा का हिस्सा नहीं थी और अमरनाथ श्राइन बोर्ड द्वारा रजिस्टर्ड नहीं थी।

आपको बता दें कि सोमवार रात 8 बजकर 20 मिनट पर अनंतनाग के बटिंगू और खानाबल में आतंकियों ने अमरनाथ यात्रियों को निशाना बनाकर हमला किया। बताया जाता है कि बस यात्रियों को लेकर वापस लौट रही थी। आतंकवादियों ने बटिंगू और खानाबल में घात लगाकर हमला किया। 

लहू से नहा गयी अमरनाथ यात्रा : एक साथ तीन आतंकी हमले, मारे गए शिवभक्त गुजरात व महाराष्ट्र के

भारत के अवार्ड वापसी गैंग द्वारा दिए गए बल और उत्साह के चलते दुस्साहस की हद तक जा रहा आतंकी और आतंकी समाज ने इस बार सीधे सीधे निशाना बनाया है महादेव के निर्दोष भक्तों को . इस बार उन्होंने सावन के पवित्र महीने में घेर कर मारा है उन महादेव भक्तों को जिनकी किसी से कोई भी दुश्मनी नहीं थी .. वो गोधरा की तरह केवल शिव जी की जय बोलते हुए जा रहे थे और सबकी भलाई की कामना भी कर रहे थे पर अनंतनाग जिले में अमरनाथ यात्रा को निशाना बना कर एक बस को गोलियों से छलनी कर दिया गया है . इस हमले में तत्काल मौके पर ही 4 शिवभक्तों ने दम तोड़ दिया है और कई घायल हो गए हैं . सेना के ३ जवान बुरी तरह से घायल हो गए हैं . इस हमले के बाद आतंकी भाग निकले हैं . घायलों को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाया जा रहा है . सेना की टुकड़ियां मौके की तरफ रवाना कर दी गयी है . ये घटना सीधे सीधे चुनौती है विधर्मियों की धर्म की रह पर चल रहे समाज वालों को ..

तीस्ता शीतलवाड़ पर बड़ा खुलासा : मुसलमानों से गुजरात दंगों के नाम पर चंदा वसूल कर पी गयी शराब.. 

जो भी करोगे उसको भोगना हर हाल में पड़ेगा ही .. कर्मों की क्षमा कभी और किसी हाल में नहीं होती .. इसी का जीता जागता उदाहरण देखने को मिल रहा है गुजरात दंगों में एक तरफा नम्बरदारी करने वाली चर्चित तीस्ता सीतलवाड़ के मामले में … ज्ञात हो की मुसलमानो से मोदी का डर दिखा कर लिए गए चंदे से अपने जीवन को सुधारना और शराब तक पीना तीस्ता सीतलवाड़ का एक प्रकार से पेशा बन गया था .. सत्ता का संरक्षण इस कदर था की सरकार बदलने के बाद भी उन्हें कांग्रेस का ही वकील कपिल सिब्बल अदालत में बचा रहा है . यहाँ जानना जरूरी है कि खुद को सामजिक कार्यकर्त्ता कहने वाली तीस्ता सीतलवाड़ और उनके पति पर मुकदमा चलाने की सिफारिश की गयी है जिसके खिलाफ वो दोनों सुप्रीम कोर्ट गए थे … सुप्रीम कोर्ट ने दोनों को किसी भी प्रकार की राहत देने से साफ़ मना कर दिया ..सुप्रीम कोर्ट में अभियोजन प्राथमिक दृष्टि में ये साबित करने में सफल रहा कि चंदे से मिला पैसा अपने व्यक्तिगत कार्यों और दुरूपयोग में प्रयोग किया गया है .. गुजरात सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में साफ कहा कि तीस्ता और उनके पति ने चंदे में मिले पैसे से शराब पी लिया है ..

उत्तराखंड : खास समुदाय के युवक ने सोशल मीडिया में भगवान केदारनाथ की आपात्तिजनक तस्वीर पोस्ट की , इलाके में भारी तनाव

आये दिन एक खास मज़हब, एक ख़ास मजहब को टारगेट कर रहा है । कभी गाय को ले कर भावनाये भड़कायी जाती है तो कभी हिन्दू धर्म के देवी-देवताओ के आपतिजनक तसीवरे बना के फेसबुक पर पोस्ट करना हो। हाँ , उन्हें अपनी आस्था का बड़ा ख्याल है …पश्चिम बंगाल के बशीरहाट का मामला अभी शांत नहीं हुआ की उत्तराखंड के एक शहर से साम्प्रदायिक तनाव की खबरें आ रही हैं।बताते चले की पिछले दिनों 17 साल के बच्चे के द्वारा डाले गए एक फेसबुक पोस्ट पर पश्चिम बंगाल सुलग गया। वहाँ सांप्रदायिक दंगो के आग अभी तक ठन्डे नहीं हुए की नया मामला उत्तराखंड का सामने आया है। उत्तराखंड सतपौली में एक नाबालिग लड़के ने फेसबुक पर केदारनाथ मंदिर को लेकर आपत्तिजनक पोस्ट किया था। जिसके बाद वहा पर सांप्रदायिक मामले भड़क गए। मामला ने गंभीर रूप धारण करते हुए तोड़ – फोड़ और आगजनी का रूप ले लिया।प्रदर्शन कर रहे लोगो ने जोर -जोर से नारे लगाते हुए कहा की ‘ जब तक उस लड़के को पकड़ा नहीं गया हम ऐसे ही प्रदर्शन करते रहेंगे।’ पुलिस अधीक्षक जगतराम जोशी ने बताया, ‘हम उस लड़के को पकड़ने की कोशिश कर रहे हैं जिसने केदारनाथ मंदिर को लेकर आपत्तिजनक पोस्ट किया था।तनाव वाले इलाको में अतरिक्त बल भी तैनात कर दिए गए है। कोटद्वार शहर और जिला मुख्यालय पौड़ी से सहायत भेजी गई है। जिलाधिकारी ने भी इलाके का दौरा किया है।’ देश को न जाने क्या हो गया है। लोग न जाने क्यों भावनातक मसलो पर हमलावार हो गए है। देश जागो , अपनी एकता न खोवो, तुम्हे बांटने की कोशिश हो रही समझो।