अभिव्यक्ति के आज़ादी के स्वघोषित संरक्षक ‘कांग्रेस’ के ही असहिष्णुता का शिकार बन गयी ‘इंदु सरकार’

फ़िल्मी जगत के सबसे सफलतम डायरेक्टर की सूचियों में शामिल मधुर भंडारकार को अब कांग्रेस के द्वारा निशाने पर लिया जा रहा है। बताते चले एक से बढ़कर एक हिट फिल्मे देने वाले मधुर भंडारकर को अपनी आने वाली फिल्म ‘इंदु सरकार’ को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के विरोध प्रदर्शन का सामना करना पड़ रहा है। शनिवार को फिल्म को लेकर पुणे में हुई मधुर भंडारकर की प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के हंगामे बाद उन्होंने नागपुर में होने वाली अपनी अगली प्रेस कॉन्फ्रेंस रद्द कर दी है।कांग्रेस कार्यकर्ताओं के पुणे प्रेस कॉन्फ्रेंस पर हंगामा करने के बाद ‘इंदु सरकार’ के डॉरेक्टर मधुर भंडारकर ने राहुल गांधी से ट्विट कर पूछा है कि क्या आप इस गुंडागीरी की अनुमति देते हैं।

भंडारकर ने ट्विट में आगे कहा कि क्या मुझे बोलने की आजादी है। उन्होंने कहा कि पुणे प्रेस कॉन्फ्रेंस में हुए हंगामे के बाद मैंने अपनी नागपुर प्रेस कॉन्फ्रेंस रद्द कर दी है। दरअसल, फिल्म ‘इंदु सरकार’ देश में लगे अपातकाल को लेकर बनाई गई है इसी वजह से इसको लेकर उन्हें फिल्म की रिलीज को लेकर काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गौरतलब है कि जब से फिल्म का ट्रेलर लॉन्च हुआ है तभी ये फिल्म चर्चाओ में बनी हुई हैं। हाल ही में मधुर भंडारकर ने सोशल मीडिया ट्वीट किया था कि कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ता उनके होटल में घुस आए और हंगामा करने लगे, इससे मधुर और उनकी टीम होटल के रूम में बंधक बन गई।
इसके साथ ही मधुर भंडारकर ने एक वीडियो भी शेयर किया था जिसमें भारी मात्रा में पुलिस नजर आ रही थी। वीडियो को शेयर करते हुए मधुर भंडारकर ने लिखा है कि फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन के स्वयं घोषित संरक्षकों को देखने के लिए यह चिंताजनक है कि इंदू सरकार की वैध रिहाई को रोकने के लिए भारी झगड़े पैदा किए जाते हैं। कांग्रेस को सच्चे तथ्यों पर बनाई जाने वाली फिल्म का समर्थन करना चाहिए इसके बजाए कांग्रेसी ‘इंदु सरकार’ को लेकर नया बखेड़ा क्यों खड़ा कर रही है यह समझ से परे है।

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