अभी अभी नीतीश ने उठाया ऐसा कदम , बिहार समेत देश के राजनीति में आया भूचाल 

​महागठबंधन में दरार के बीच सीएम नीतीश कुमार ने इस्तीफा दे दिया है. वे बिहार के राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी से मिलने पहुंचे थे जिसके बाद से ही इस बात के कयास लगाए जा रहे थे कि वे इस्तीफा दे सकते हैं. इस बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने संसदीय दल की बैठक बुलाई है जहां नीतीश को समर्थन देने पर विचार किया जा सकता है. इससे पहले नीतीश कुमार के नेतृत्व में शाम पांच बजे जनता दल (युनाइटेड) विधायक दल की बैठक हुई जहां तेजस्वी यादव को लेकर बातचीत होने की खबर है. गौरतलब है कि राजद विधानमंडल दल की बैठक भी दोपहर में हुई, जिसमें पार्टी के सभी विधायकों और विधान पार्षदों ने हिस्सा लिया. जिसके बाद लालू प्रसाद यादव ने कहा था कि तेजस्वी यादव इस्तीफा नहीं  देंगे.
इससे पहले राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद ने बुधवार (26 जुलाई) को कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कभी उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद का इस्तीफा नहीं मांगा। उन्होंने कहा कि तेजस्वी इस्तीफा नहीं देंगे, यह राजद विधानमंडल की बैठक में तय हो चुका है। पटना में राजद विधानमंडल दल की बैठक के बाद आयोजित संवाददाता सम्मेलन में लालू ने महागठबंधन में किसी प्रकार की टूट से इनकार करते हुए कहा, “महागठबंधन में कोई टूट वाली बात नहीं है। मैं रोज नीतीश कुमार से बात करता हूं। कल ही रात को हमारी बात हुई।”
उन्होंने अपने खास अंदाज में कहा, “हमने ही महागठबंधन बनाया है और नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनाया है और हम ही इसे ढाह देंगे। ऐसा कहीं होता है क्या? यह महागठबंधन पांच साल के लिए बना है।” उन्होंने कहा कि जब बिहार में महागठबंधन की जीत हुई थी तो साफ था कि पांच साल के लिए सरकार बनाई गई है।
लालू ने नीतीश के साथ किसी भी तल्खी से इनकार करते हुए कहा कि उनके और नीतीश के संबंधों में कोई खटास नहीं है। उन्होंने कहा कि नीतीश का अनादर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह सब मीडिया के लोगों के दिमाग की उपज है। पत्रकारों द्वारा तेजस्वी के जवाब देने के संबंध में पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा, “नीतीश कुमार हमारे नेता हैं। मुझे और तेजस्वी को जहां बोलना होगा बोलेंगे।” 

प्रधानमंत्री मोदी को अब तोहफे में फूलों का गुलदस्ता देने पर रोक ! …जानिए ऐसा क्यों 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वागत में गुलदस्ता भेंट करने पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक आदेश जारी किया है। आदेश के मुताबिक, पीएम मोदी का स्वागत फूलों का गुलदस्ता देने की बजाय खादी के रुमाल में रखा एक फूल दे दिया तो बेहतर होगा।

इसके अलावा पीएम मोदी को किताब भी गिफ्ट में दी जा सकती है। किताब से ज्यादा गुणकारी कुछ नहीं हो सकता, किताब पढ़ने से ज्ञान बढ़ता है। वहीं, गृंह मंत्रालय ने सभी राज्यों को एक लेटर भेजा है, जिसमें लिखा है कि किसी भी राज्य के दौरे पर प्रधानमंत्री के स्वागत में फूलों का गुलदस्ता भेंट में न दिया जाए।

इससे अच्छा है कि उन्हें सिर्फ एक फूल ही दे दिया जाए। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से शुभकामनास्वरूप पुष्प गुच्छ देने के बजाय पुस्तक भेंट करने की अपील की थी। पीएम मोदी ने कहा था कि पढ़ने से ज्यादा आनंद किसी और काम में नहीं आता और ज्ञान से बड़ी कोई ताकत नहीं है।

अयोध्या में 8 मुस्लिमो ने हिन्दू धर्म में वापसी की

15 वर्ष पहले अपने हिंदू धर्म को छोड़कर इस्लाम धर्म को अपनाने वाले दो गांव के लोगों ने फिर से हिंदू धर्म को अपना लिया है। इन लोगों ने 15 वर्ष पहले इस्लाम धर्म अपनाया था, लेकिन अब फिर से इन लोगों ने हिंदू धर्म अपना लिया है। पूरी विधि-विधान के साथ मंदिर में भगवान के समक्ष इन लोगों ने इस्लाम धर्म को छोड़ कर हिंदू धर्म अपनाया। जलालपुर के आंबेडकर नगर तहसील क्षेत्र के दो गांवों के आठ लोगों ने मुस्लिम धर्म को छोड़ कर हिंदू धर्म को फिर से अपना लिया है।क्षेत्र के रामपुर दुबे गांव की शबनम परिवर्तित नाम सरोजा पत्नी बैजनाथ, नजमा परिवर्तित नाम शीला, मोहम्मद सफी परिवर्तित नाम बैजनाथ पुत्र मजनू, अकबर आलम परिवर्तित नाम अमित पुत्र बैजनाथ तथा जलालपुर थाना क्षेत्र के सोहगुपुर की सबीना परिवर्तित नाम सुरजा पत्नी प्रदीप कुमार, सकीना परिवर्तित नाम सीमा पुत्री प्रेमचंद, शाहजहां परिवर्तित नाम दुलारी पत्नी छब्बूलाल ने रविवार को जलालपुर थाना क्षेत्र के शीतला मठिया मंदिर पर पूरे विधि विधान के साथ हिन्दू धर्म को अपनाया।

पूर्व प्रांतीय अध्यक्ष, धर्म प्रचारक विश्व हिंदू परिषद के केशव प्रसाद श्रीवास्तव ने उक्त परिवारों को, जो 15 वर्ष पहले हिंदू धर्म को छोड़कर मुस्लिम धर्म अपना लिया था, उनको वैदिक रीति रिवाज के साथ नारियल, चुनरी, हनुमान चालीसा देकर घर वापसी कराई। साथ ही उनके उज्जवल भविष्य के लिए भगवान से प्रार्थन की। धर्म परिवर्तन करने वाले लोगों ने बातचीत के दौरान बताया कि उनपर किसी भी हिन्दू धर्म गुरु और हिन्दू समुदाय के लोगों द्वारा धर्म परिवर्तन के लिए किसी भी तरह का कोई दबाब नई था। उन्होंने अपनी मर्जी, और अपनी सहमति से इस्लाम को छोड़ हिन्दू अपनाया है।

लालू परिवार के बाद अब भ्र्ष्टाचार में लिप्त बीजेपी नेता पर इनकम टैक्स की बड़ी कार्यवाही 


आयकर विभाग ने भोपाल में बीजेपी नेता सुशील वासवानी की बताई जा रही दो बेनामी संपत्तियां अटैच की हैं. इस बीजेपी नेता पर नोटबंदी के दौरान महानगर सहकारी बैंक के जरिये करीब 150 करोड़ रुपये के काले धन को सफेद करने का आरोप है. पिछले साल 20 दिसंबर को आयकर विभाग इस संबंध में उनके खिलाफ छापे भी मारे थे.

इस जांच में शामिल एक अधिकारी के मुताबिक, इन दोनों बेनामी संपत्तियों की कीमत 10 करोड़ रुपये आंकी गई है. इनमें से एक निर्माणाधीन शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और दूसरी निर्माणाधीन मॉल है.

आयकर विभाग के सूत्रों के मुताबिक, ये दोनों संपत्तियां कागज़ों में तो सनविजन इंफ्राटेक प्रा. लि. और गुरुमुख दास कॉन्ट्रैक्टर प्रा. लि. के नाम पर दिखाई गई है, लेकिन बीजेपी नेता वासवानी के पास से जब्त दस्तावेज़ों से पता चलता है कि हकीकत में वासवानी ही इन दोनों संपत्तियों के मालिक हैं.

दरअसल दिसबंर में वासवानी के ठिकानों पर पड़े आयकर विभाग के छापे में कई ऐसे दस्तावेज मिले थे, जिसे कालेधन को सफेद करने के सारे खेल का खुलासा हुआ था.

इस मामले के उजागर होने के बाद से ही विपक्षी कांग्रेस हमलावर थी और उसका आरोप था कि वासवानी अपना ही नहीं, बल्कि बीजेपी और आरएसएस के शीर्ष नेताओं के कालेधन को सफेद बनाने का काम किया.

एक मामूली बस कंडक्टर से करोड़ों की संपत्ति के मालिक बने वासवानी को मौजूदा शिवराज सरकार ने एमपी हाउसिंग कॉर्पोरेशन का अध्यक्ष नियुक्त किया था, जिस वजह से उन्हें राज्य में मंत्री का दर्जा प्राप्त था.

अभिव्यक्ति के आज़ादी के स्वघोषित संरक्षक ‘कांग्रेस’ के ही असहिष्णुता का शिकार बन गयी ‘इंदु सरकार’

फ़िल्मी जगत के सबसे सफलतम डायरेक्टर की सूचियों में शामिल मधुर भंडारकार को अब कांग्रेस के द्वारा निशाने पर लिया जा रहा है। बताते चले एक से बढ़कर एक हिट फिल्मे देने वाले मधुर भंडारकर को अपनी आने वाली फिल्म ‘इंदु सरकार’ को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के विरोध प्रदर्शन का सामना करना पड़ रहा है। शनिवार को फिल्म को लेकर पुणे में हुई मधुर भंडारकर की प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के हंगामे बाद उन्होंने नागपुर में होने वाली अपनी अगली प्रेस कॉन्फ्रेंस रद्द कर दी है।कांग्रेस कार्यकर्ताओं के पुणे प्रेस कॉन्फ्रेंस पर हंगामा करने के बाद ‘इंदु सरकार’ के डॉरेक्टर मधुर भंडारकर ने राहुल गांधी से ट्विट कर पूछा है कि क्या आप इस गुंडागीरी की अनुमति देते हैं।

भंडारकर ने ट्विट में आगे कहा कि क्या मुझे बोलने की आजादी है। उन्होंने कहा कि पुणे प्रेस कॉन्फ्रेंस में हुए हंगामे के बाद मैंने अपनी नागपुर प्रेस कॉन्फ्रेंस रद्द कर दी है। दरअसल, फिल्म ‘इंदु सरकार’ देश में लगे अपातकाल को लेकर बनाई गई है इसी वजह से इसको लेकर उन्हें फिल्म की रिलीज को लेकर काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गौरतलब है कि जब से फिल्म का ट्रेलर लॉन्च हुआ है तभी ये फिल्म चर्चाओ में बनी हुई हैं। हाल ही में मधुर भंडारकर ने सोशल मीडिया ट्वीट किया था कि कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ता उनके होटल में घुस आए और हंगामा करने लगे, इससे मधुर और उनकी टीम होटल के रूम में बंधक बन गई।
इसके साथ ही मधुर भंडारकर ने एक वीडियो भी शेयर किया था जिसमें भारी मात्रा में पुलिस नजर आ रही थी। वीडियो को शेयर करते हुए मधुर भंडारकर ने लिखा है कि फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन के स्वयं घोषित संरक्षकों को देखने के लिए यह चिंताजनक है कि इंदू सरकार की वैध रिहाई को रोकने के लिए भारी झगड़े पैदा किए जाते हैं। कांग्रेस को सच्चे तथ्यों पर बनाई जाने वाली फिल्म का समर्थन करना चाहिए इसके बजाए कांग्रेसी ‘इंदु सरकार’ को लेकर नया बखेड़ा क्यों खड़ा कर रही है यह समझ से परे है।

अमेरिका से मिली तोपों का पोखरन में हुआ परीक्षण, चीनी सीमा पर होगी तैनात

भारत एवं अमेरिका ने बोफोर्स विवाद के साये से परे जाते हुए पिछले साल 145 एम 777 तोपों के सौदे पर हस्ताक्षर किए थे। भारतीय आर्मी ने पोखरन में इन अल्ट्रा लाइट होवित्जर तोपों का परीक्षण किया है। इस परीक्षण के जरिए इन तोपों की  स्पीड, आवृत्ति और क्षमता का आकलन किया गया। आर्मी सूत्रों के मुताबिक, इन तोपों का परीक्षण सितंबर तक जारी रहेगा। 

1980 के दशक के मध्य में बोफोर्स घोटाले को लेकर छिड़े विवाद के बाद भारतीय सेना में लंबी दूरी की इन तोपों को शामिल करने को लेकर लंबी प्रतीक्षा करनी पड़ी। इन तोपों को अधिकतर चीन से लगने वाली सीमा पर तैनात किया जा सकता है।

ममता राज में कराह उठा हिन्दू : बंगाल में धोती पहनना भी हो गया है बड़ा अपराध

कभी इतिहास में दर्ज होगा किसी प्रदेश में एकतरफा कार्यवाही और एकतरफा तुष्टिकरण का ये आयाम और अध्याय .. यहाँ बात बंगाल की चल रही है जो की खुद को भारत की सबसे बड़ी धर्मनिरपेक्ष कहने और शायद मैंने वाली ममता बनर्जी द्वारा शासित है .. यहाँ एक के बाद एक ऐसी घटनाये सामने आ रही हैं जो शायद ही कभी किसी राज्य में यदा कदा दिखाई तो दूर सुनाई भी देती हों ..सुदर्शन न्यूज ने पहले भी चिंता जताई है की बंगाल चल रहा है कश्मीर बनने की राह पर . एक के बाद एक ऐसी घटनाएं और नए नए नियम बंगाल में हिन्दू को कराह उठने पर मजबूर कर चुके हैं .. कभी उनकी दुर्गापूजा तमाम नियमों और प्रतिबंधों के साथ आयोजित होती है तो कभी श्रीराम की नवमी पर नए नए नियम लागू कर दिए जाते हैं. कभी हिन्दुओं के जुलूस पर हुए बंगलदेशियों के हमले में हिन्दुओं को ही दोषी बना कर जेलों में डाल दिया जाता है तो कभी गोरखा हिन्दुओं पर गोलियां और लाठियां बरसाने का खुला आदेश सेना और पुलिस को दे कर एक वर्ग को खुश करने की हर संभव कोशिश की जाती है .

अब नया मामला आया है कोलकाता का . यहाँ के क्‍वेस्ट मॉल में शनिवार को एक व्यक्ति को अंदर जाने से सिर्फ इसलिए मना कर दिया गया क्योंकि उसने पारम्परिक रूप से हिन्दुओं के वैदिक कालीन वस्त्र ‘धोती” पहन रखी थी .. आशीष अविकुंतक नाम के इस पीड़ित को साफ़ तौर पर कहा गया की यहाँ का नियम है जो धोती पहन कर आये उसको अंदर नहीं जाने दिया जाएगा .. जब आशीष ने इसका विरोध किया तो उसके साथ वहां के सुरक्षा कर्मचारी सख्ती से पेश आने लगे ..सुरक्षा कर्मचारियों का कहना था की उन्हें ऊपर से निर्देश हैं की धोती पहने व्यक्ति को अंदर ना घुसने देने का क्योंकि उस से वहां की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है .

यहाँ ध्यान देने योग्य ये भी है की आशीष जो हिन्दू मान्यताओं को मानता था उसको मॉल में इंट्री तब मिली जब उसने वहां के कर्मचारियों को अंग्रेजी में बोल कर दिखाया .. आशीष ने अपनी इस पीड़ा को फेसबुक पर व्यक्त किया . आशीष की मित्र और बंगाल की फिल्मों की अभिनेत्री देबलीना का कहना है की ये तो सरसर अन्याय है .. किसी की जीवन शैली और परिधानों के आधार पर उसके साथ भेदभाव कैसे किया जा सकता है ..

इस घटना के बाद आप सब को भी ध्यान देने योग्य है की यदि आप बंगाल की यात्रा पर हैं तो हिन्दू के पारम्परिक परिधानों से परहेज करिये क्योंकि वहां धीरे धीरे उन वस्त्रों और पहनावे पर भी कार्यवाही हो रही है जो हमारी पारम्परिक संस्कृति का अभिन्न अंग रहे हैं . ऐसी घटनाओं के बाद अब सुदर्शन न्यूज का सवाल पुख्ता होता जा रहा है की क्या बंगाल सच में निकल पड़ा है बंगलादेश बनने की राह पर ?